परामर्शी



परामर्शी सेवाएं


आई एस ओ 9001 : 2008

·    


गुणवत्‍ता नीति एवं लक्ष्‍य

·    


प्रस्‍तावना एवं प्रस्‍तुत सेवाएं

·    


पद्धतियां एवं क्षमताएं

·    


हमारे क्‍लाइंट का प्रोफाइल

·    


परामर्शी सेवाएं प्राप्‍त करने की प्रक्रिया

·    


हमें संपर्क करें।



गुणवत्‍ता नीति


सी आई एस एफ सुरक्षा तथा अग्नि संरक्षण के क्षेत्र में अपने व्‍यावसायिक
तथा योग्‍यता प्राप्‍त कार्मिकों की एक टीम के जरिए उत्‍तम परामर्शी 
सेवाएं प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।


स्‍थापित प्रबंधन प्रणालियों में सतत् सुधार के जरिए ग्राहक संतुष्टि में
वृद्धि करना ही उद्देश्‍य रहेगा।



गुणवत्‍ता लक्ष्‍य


सीआईएसएफ निम्‍नलिखित के ज़रिए अपनी नीतियों को पूरा करने का प्रयास करेगा
:

·        


संकट स्थितियों तथा बदलती हुई उपभोक्‍ता आवश्‍यकताओं के अनुरूप अपनी सेवाओं
का उन्‍नयन करना

·        


कम से कम संभव समय में क्‍लाइंट की जरूरतों पर प्रतिक्रिया करना

·        


अनुसूची के अनुसार विंग के सूचीबद्ध अधिकारियों को प्रशिक्षण प्रदान करना



प्रस्‍तावना


       सुरक्षा को वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन करने के लिए भारतीय उद्योग अब
सी.आई.एस.एफ द्वारा प्रदान की जा रही सुरक्षा परामर्शी सेवाओं का लाभ उठा
रहे हैं।  गत वर्षों में सीआईएसएफ ने व्‍यापक संसाधन आधार विकसित किए हैं
जिससे इसने किसी भी संस्‍थापना की आवश्‍यकता के अनुरूप सुरक्षा प्रणाली को
अनुकूल बनाकर विश्‍वसनीय सुरक्षा विकल्‍प तैयार करके प्रदान किए हैं। सबसे
ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण बात यह है कि सी
.आई.एस.एफ
अपने सक्रिय आर एंड डी सेल द्वारा विकसित आधुनिक प्रौद्योगिकी विकल्‍पों के
माध्‍यम से समय आधारित जांचे-परखे सुरक्षा समाधानों की पेशकश करता है। 


       उदारीकरण के साथ-साथ निजी उद्योगों में अर्थव्‍यवस्‍था के प्रमुख
सेक्‍टरों के खुलने से सरकार ने यह माना कि आने वाले समय में निजी क्षेत्र
,
राष्‍ट्रीय अर्थव्‍यवस्‍था में अत्‍यधिक रणनीतिपरक महत्‍व रखेंगे।     निजी
उद्योगों के समक्ष आ रहे संकटों में वृद्धि होने से उपयुक्‍त सुरक्षा उपाय
भी साथ-साथ अपेक्षित होंगे। तत्‍पश्‍चात् वर्ष 1999 में सीआईएसएफ अधिनियम
में संशोधन करके संसद ने सीआईएसएफ को अधिदेश दिया कि प्राइवेट सेक्‍टर की
संस्‍थापनाओं को अपनी सुरक्षा परामर्शी सेवाएं प्रदान करे।


       7 दिसम्‍बर 2001 को तत्‍कालीन माननीय उप प्रधानमंत्री श्री एल.के.
अडवाणी ने नई दिल्‍ली में सीआईएसएफ की परामर्शी सेवाओं की औपचारिक शुरूआत
की तथा सीआईएसएफ मुख्‍यालय में अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) तथा
परामर्शी कक्ष स्‍थापित किया गया।  जून 2002 में इस कक्ष को अपनी 
गुणवत्‍ता युक्‍त सेवाओं के लिए आईएसओ 9001 : 2000 प्रमाण-पत्र प्रदान किया
गया।



सी.आई.एस.एफ द्वारा प्रस्‍तुत परामर्शी सेवाएं


       सी.आई.एस.एफ ने तीन दशकों से भी अधिक समय से पूरे देश में फैले
विभिन्‍न औद्योगिक परिवेशों में अपने व्‍यापक अनुभव के आधार पर उनकी
सुरक्षा योजना तैयार करने के लिए निजी उद्योगों को उच्‍च व्‍यावसायिक
विकल्‍पों की पेशकश की है। सी.आई.एस.एफ ने अपने क्‍लाइंट को समूचे सुरक्षा
समाधानों की पेशकश की है जिसमें निम्‍नलिखित शामिल है :-

·        


संकट बोध तथा जोखिम विश्‍लेषण

·        


एक्‍सेस कंट्रोल तथा परिधीय संरक्षण

·        


जनशक्ति आवश्‍यकताओं का आकलन

·        


सुरक्षा प्रणालियों का अनुप्रयोग

·        


सुरक्षा तथा अग्नि लेखा परीक्षा

·        


दस्‍तावेज सुरक्षा

·        


सामग्री सुरक्षा के लिए पद्धतियां

·        


आंतरिक आसूचना

·        


अग्नि संरक्षण उपाय

·        


संकट प्रबंधन योजनाएं

·        


कार्यकारी संरक्षण

·        


भीड़ नियंत्रण तथा प्रबंधन प्रक्रियाएं

·        


संगठन के अधिकारियों तथा कार्मिकों एवं सुरक्षा विंग को सुरक्षा तथा अग्नि
संरक्षण मामलों में प्रशिक्षण



परामर्शी शुल्‍क ढांचा


       सी.आई.एस.एफ द्वारा प्रभारित परामर्शी शुल्‍क का अनुमोदन गृह
मंत्रालय द्वारा दो वर्ष की अवधि के लिए समय-समय पर किया जाता है।


       शुल्‍क ढांचा 7 मार्च 2013 से प्रभावी है। इसके अलावा
,
परामर्शी शुल्‍क पर सेवा कर भी लागू दरों पर देय है।


श्रेणी


केवल सुरक्षा परामर्शी सेवाएं


केवल अग्नि परामर्शी सेवाएं


सुरक्षा परामर्श के अलावा अग्नि परामर्श सेवाएं


बड़ी


11,50,000/-


7,25,000/-


3,50,000/-


मध्‍यम


7,25,000/-


4,00,000/-


2,25,000/-


लघु


4,00,000/-


2,50,000/-


1,50,000/-



 



पद्धतियां

·    


संकट तथा जोखिम विश्‍लेषण
,

क्षेत्र की पृष्‍ठभूमि तथा स्‍थानीय कानून व व्‍यवस्‍था स्थिति को ध्‍यान
में रखकर किया जाता है। विश्‍लेषण तैयार करने के लिए बाह्य तथा आंतरिक
दोनों संकटों को ध्‍यान में रखा जाता है। स्‍थानीय पुलिस तथा अन्‍य सरकारी
एजेंसियों की मदद आवश्‍यकता पड़ने पर ली जाती है।

·    


सुरक्षा तथा अग्नि संरक्षण की मौजूदा पद्धतियों

,

प्रक्रियाओं तथा प्रयोग के मद्देनजर सुरक्षा तथा अग्नि लेखा परीक्षा की
जाती है। मौजूदा प्रणाली की उत्‍पादकता का मूल्‍यांकन किया जाता है तथा
कमियों को स्‍पष्‍ट रूप से दर्शाया जाता है।

·    


व्‍यापक जांच सूची की मदद से तथा परस्‍पर विश्‍लेषण के अलावा मौके पर
निरीक्षण करके लेखा परीक्षा की जाती है।

·    


आवश्‍यकता के आधार पर उपकरण सुझाए जाते हैं तथा जहां तक अपेक्षित हो उनका
समाकलन करने के सुझाव दिए जाते हैं।

·    


सुरक्षा तथा अग्नि संरक्षण दोनों के लिए जन-शक्ति की आवश्‍यकता का आकलन
किया जाता है तथा उनके कर्तव्‍यों को सही ढंग से परिभाषित किया जाता है। इस
जन-शक्ति का निर्णय कार्मिकों तथा मशीन से जुड़े आदर्श अनुपात सिद्धांत के
आधार पर वित्‍तीय विवक्षाओं को नजरअंदाज किए बिना किया जाता है।

·    


आवश्‍यकता के आधार पर संकट प्रबंधन योजनाएं डिजाइन की जाती हैं और
ड्रफ्टिंग करते समय इन पर कवायद की जाती है। 

·    


कल-पुर्जों तथा कच्‍चे माल की आंतरिक चोरी से संबंधित उत्‍पन्‍न संकट
स्थितियों पर भी उचित ध्‍यान दिया जाता है।

·    


मौजूदा प्रणाली को मज़बूत करने के लिए अपेक्षित सभी उपायों को सुझाया जाता
हैा इनमें न केवल शारीरिक सुरक्षा उपाय शामिल हैं बल्कि दस्‍तावेज सुरक्षा
,

महत्‍वपूर्ण सूचना को प्रकट होने से बचाने तथा माल गतिविधि भी शामिल है।

·    


सामग्री तथा तैयार उत्‍पाद गतिविधि संबंधी प्रक्रियाओं को भी सुप्रवाही
बनाया जाता है।

·    


जन-शक्ति के कर्तव्‍यों और जिम्‍मेदारियों के साथ-साथ इनकी तैनाती तथा
तैनाती के प्रतिमान तैयार किए जाते हैं। गार्ड मॉनिटर योजना भी रिपोर्ट का
एक हिस्‍सा है। जहां कहीं अपेक्षित है अलग-अलग ड्यूटी प्‍वाइंट के लिए
प्रचालन प्रक्रियाओं हेतु सुझाव दिए जाते हैं।

·    


सभी मौजूदा उपकरणों का मूल्‍यांकन किया जाता है तथा इनमें सुधार की
आवश्‍यकता बताने के साथ-साथ नए उपकरणों और उनके समाकलन के लिए सुझाव दिए
जाते हैं।

·    


सुरक्षा प्रणालियों का मूल्‍यांकन करने के लिए एक आंतरिक लेखा परीक्षा
प्रक्रिया तैयार की गई है। इसमें व्‍यापक जांच सूची तथा विश्‍लेषणात्‍मक
फार्मेट शामिल हैं।

·    


मौजूदा प्रणालियों तथा स्‍थापना में कार्यरत विभिन्‍न समूहों के
क्रियाकलापों का मूल्‍यांकन करने के बाद जहां अपेक्षित हो वहां आंतरिक
आसूचना एकत्रण प्रणाली का सुझाव दिया जाता है।

·    


नकद लाने ले जाने
,

कच्‍चे माल तथा तैयार उत्‍पाद संबंधी क्रियाकलापों से जुड़े मौजूदा सुरक्षा
पहलुओं का मूल्‍यांकन किया जाता है तथा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए
उपयुक्‍त पद्धति तथा प्रक्रियाओं के लिए सुझाव दिए जाते हैं।

·    


संकट स्थितियों तथा जोखिम विश्‍लेषण पर आ‍धारित अन्‍य सुरक्षा पहलुओं पर भी
बल दिए जाने की आवश्‍यकता है।





 



 



हमारे क्‍लाइंट का विवरण


       सरकारी क्षेत्र


37


सार्वजनिक क्षेत्र के  उपक्रम


16


निजी क्षेत्र

50


सुरक्षा परामर्श – 37


अग्नि परामर्श

12


सुरक्षा तथा अग्नि परामर्श


54

 



क्रम सं०



नाम



वर्ष

1.                  

 



वी.एस.एन.एल. कोलकाता



1999

2.                  

 



टी.टी.पी.पी. टांडा

 

 

 

 

 

 



2000

3.                  

 



डीएफआईडी
,
इंडिया ब्रिटिश हाई कमीशन

4.                  

 



इनलैंड कंटेनर डिपो
,
तुगलकाबाद
,
नई दिल्‍ली

5.                  

 



सर शादीलाल शुगर मिल्‍स
,
मुजफ्फरनगर
,
उत्‍तर प्रदेश

6.                  

 



आई आई टी खड़गपुर

7.                  

 



उत्‍तर प्रदेश सचिवालय

8.                  

 



दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन

9.                  

 



आंध्र प्रदेश विधान सभा और
सचिवालय
,
हैदराबाद

10.              

 



पासपोर्ट कार्यालय

11.              

 



एन आई सी एफ एस रोहिणी

12.              

 



मेघालय में खनन क्रियाकलाप
,
यू‍रेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड


 

13.              

 



आई. पी. ए. पारादीप पोर्ट ट्रस्‍ट

 



2001

14.              

 



ओएनजीसी नागालैंड

15.              

 



इंडियन एम्‍बेसी काठमांडु

16.              

 



आईडीआरबीटी

 

 

 



2002

17.              

 



सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड

18.              

 



उदयपुर नगर परिषद

19.              

 



एन एस जी मुख्‍यालय
,
नई दिल्‍ली

20.              

 



जी एम आर (कॉरपोरेट इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड)

21.              

 



तिरूमाला तिरूपति और देवस्‍थानम (आन्‍ध्र प्रदेश)

22.              

 



इंस्‍टीच्‍यूट ऑफ अप्‍लाईड मैनपावर रिसर्च
,
नरेला दिल्‍ली

 

 

 

 



2003

23.              

 



पैनेसिया बायोटेक लिमिटेड

24.              

 



हीरो होंडा मोटर्स
,
धारूहेड़ा

25.              

 



कर्नाटक विधान सभा
,
बैंगलुरू

26.              

 



इंडियन एग्रीकलचरल रिसर्च इंस्‍टीच्‍यूट
,
नई दिल्‍ली

27.              

 



स्‍टार पेपर मिल्‍स
,
सहारनपुर

28.              

 



आई.सी.आई.सी.आई बैंक लिमिटेड
,
नई दिल्‍ली

29.              

 



निजाम ज्‍वेलरी
,
हैदराबाद

 

 

 

 



2004

30.              

 



श्री सिमेंट लिमिटेड बीवर
,
अजमेर

31.              

 



श्रीराम रेऑन
,
कोटा

32.              

 



विक्‍टोरिया मेमोरियल हॉल
,
कोलकाता

33.              

 



एलएनजी पेट्रोनेट लिमिटेड
,
दहेज

34.              

 



उत्‍तम गलवा स्‍टील लिमिटेड
,
रायगढ़

35.              

 



इंडियन म्‍यूजियम
,
कोलकाता

36.              

 



सेबी मुख्‍यालय
,
मुम्‍बई

37.              

 



टिस्‍को लिमिटेड

 

 

 



2005

38.              

 



उड़ीसा माइनिंग कॉपोरेशन लिमि‍टेड

39.              

 



बंगलोर मेट्रोपॉलिटन ट्रॉंसपोर्ट कॉर्पोरेशन

40.              

 



एच.आई.एल
,
केरल

41.              

 



एन.बी.आर.आई
,
लखनऊ

42.              

 



विक्‍टोरिया मेमोरियल हॉल
,
कोलकाता (अग्नि)

43.              

 



अंतर्राष्‍ट्रीय ट्रैक्‍टर्स लिमिटेड
,
होशियारपुर

 

 

 

 

 



2006

44.              

 



कैबिनेट सचिवालय
,
नई दिल्‍ली

45.              

 



उषा ब्रेको लिमिटेड
,
हरिद्वार

46.              

 



संघी


इंडस्‍ट्री लिमिटेड

47.              

 



इलेक्‍ट्रोनिक्‍स सिटी
,
बैंगलुरू

48.              

 



दुर्गापुर प्रोजेक्‍ट्स लिमिटेड

49.              

 



एन.आई.टी
,
तिरूचिरापल्‍ली

50.              

 



आई.डी.आर.बी.टी

51.              

 



एन.टी.पी.सी लिमिटेड
,
नोएडा

52.              

 



ओपीजीसीएल
,
भुवनेश्‍वर

53.              

 



एन.ई.आई.जी.आर.आई.एच.एम.एस
,
शिलांग

 

 

 



2007

54.              

 



बनस्‍थली विद्यापीठ
,
जयपुर

55.              

 



रिलायंस रिफायनरी
,
जामनगर

56.              

 



इंफोसिस
,
बैंगलुरू

57.              

 



गोल्‍फलिंक बिजनस पार्क
,
बैंगलुरू

58.              

 



रिलायंस एनर्जी लिमिटेड
,
मुम्‍बई

59.              

 



आई.आई.टी मद्रास
,
चेन्‍नई

 

 

 



2008

60.              

 



कर्नाटक स्‍टेट भवन

61.              

 



बीएसएल बोकारो

62.              

 



एलबीएस अकादमी ऑफ एडमिनिस्‍ट्रेशन
,
मसूरी

63.              

 



यू टी आई ए एम सी
,
मुम्‍बई

64.              

 



अल्‍ट्रा टेक सीमेंट लिमिटेड

हिरमी

 



2009

65.              

 



आईटीपीओ प्रगति मैदान
,
नई दिल्‍ली

66.              

 



आनंद कैंपस
,
गुजरात राज्‍य

 

 



2010

67.              

 



टोरेंट फार्मेस्‍यूटिकल
,
मेहसाना

68.              

 



कृष्‍ण भाग्‍य जाला निगम लिमिटेड

69.              

 



मध्‍य प्रदेश भवन

70.              

 



आई.डी.बी.आई टॉवर
,


कफ

परेड

मुम्‍बई

71.              

 



आई डी बी आई बैंक
,
बांद्रा कुरला कॉम्‍प्‍लेक्‍स
,
मुम्‍बई

72.              

 



इस्‍को बर्नपुर

फॉयर प्रोजेक्‍ट

73.              

 



आई आर डी ए
,
हैदराबाद

74.              


 



कंट्रोल डेटा सेंटर
,
मुम्‍बई

75.              


 



इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय और इसके लखनऊ बेंच

76.              

 



एस आई हॉस्पिटल
,
नई दिल्‍ली

 

 



2011

77.              

 



इंडिया बुल्‍स सिनार थर्मल पावर प्रोजेक्‍ट
,
नासिक

78.              

 



इंडिया बुल्‍स अमरावती थर्मल पावर प्रोजेक्‍ट
,
अमरावती

79.              

 



ट्रांसपेक साइलॉक्‍स इंडस्‍ट्री लिमिटेड
,
वडोदरा

80.              

 



मैगनीज ओर माइन्‍स ऑफ एम ओ आई एल लिमिटेड

 



2012

81.              

 



पेट्रोनेट

एलएनजी

टरमिनल

कोच्चि

82.              

 



टाटा पावर एसईडी
,
बैंगलुरू

83.              

 



वीओसी पोर्ट
,
तुतीकोरिन

84.              

 



हिंडाल्‍को इंडस्‍ट्रीयल लिमिटेड
,
रेणुकोट
,
उत्‍तर प्रदेश

85.              

 



पैथन डैम
,
औरंगाबाद (महाराष्‍ट्र)

 

 



2013

86.              

 



टाटा पावर एस ई डी
,
मुम्‍बई

87.              

 



एन.एम.डी.सी
,
आई.एस.पी
,
नगरनार
,
बस्‍तर

88.              

 



सिक्‍योर मीटर लिमिटेड
,
उदयपुर (राजस्‍थान)

89.              

 



वाटर ट्रीटमेंट प्‍लांट
,
भन्‍दूप कॉम्‍प्‍लेक्‍स
,
मुम्‍बई

 

 

 

 

 

 

 

 



2014

90.              

 



इंडियन इंस्‍टीच्‍यूट ऑफ मैनेजमेंट
,
इंदौर

91.              

 



बजाज ऑटो लिमिटेड

92.              

 



एन.आर.डी.ए रायपुर

93.              

 



आदित्‍य बिरला ग्रुप
,
मुम्‍बई

94.              

 



इंफोसिस लिमिटेड
,
हैदराबाद

95.              

 



इंफोसिस लिमिटेड
,
मैंगलोर

96.              

 



इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय लखनऊ बेंच

97.              

 



हैदराबाद रेस क्‍लब

98.              

 



इंफोसिस लिमिटेड
,
बैंगलुरू (मुख्‍य कैम्‍पस)

99.              

 



इंफोसिस लिमिटेड
,
बैंगलुरू (सैटेलाइट भवन)

100.           

 



इंफोसिस लिमिटेड
,
पुणे (फेस-।)

101.           

 



इंफोसिस लिमिटेड
,
पुणे (फेस-।।)

102.           

 



इंफोसिस लिमिटेड
,
मैसूर

103.           

 



एस.वी.पी
,
एन.पी.ए
,
हैदराबाद



2015


 




 


 



परामर्शी सेवाएं प्राप्‍त करने


की प्रकिया

·        


परामर्शी सेवाएं प्राप्‍त करने के लिए एक मांग-पत्र उप महानिरीक्षक/तकनीकी
को संबोधित करके सी.आई.एस.एफ मुख्‍यालय भेजा जाए।

·        


मांग पत्र प्राप्‍त होने पर एक प्रारंभिक प्रस्‍ताव पत्र भेजा जाता है
जिसके साथ एक पुस्तिका (ब्रोशर) जिसमें  किए गए परामर्शी क्रियाकलापों का
ब्‍यौरा दिया गया है
,

संलग्‍न की जाती है।

·        


क्‍लाइंट के सही डाटा तथा उसकी
आवश्‍यकताओं के लिए अनुरोध किया जाता है।

·        


जहां परामर्श की जरूरत है उस स्‍थल का प्रारम्भिक दौरा किया जाता है।

·        


परामर्शी शुल्‍क का निर्धारण
,

निर्धारित मानकों तथा प्रारंभिक दौरे के दौरान सिफारिशों के अनुसार किया
जाता है।

·        


परामर्शी शुल्‍क प्रस्‍ताव संबंधी पत्र क्‍लाइंट को भेजा जाता हैा

·        


अग्रिम शुल्‍क प्राप्‍त होने पर पूर्व-अभिज्ञात विशेषज्ञों की सूची में से
एक टीम भेजी जाती है।

·        


परामर्शी टीम आपस में सहमत की गई किसी तारीख को लेखा परीक्षा तथा सर्वेक्षण
के लिए स्‍थल पर जाती है।

·        


परामर्शी टीम ड्राफ्ट सिफारिशें तैयार करके उन्‍हें क्‍लाइंट को भेज देती
है।

·        


क्‍लाइंट के विचारों को शामिल करने के बाद ड्राफ्ट परामर्शी रिपोर्ट तैयार
की जाती है।

·        


पुनरीक्षण के लिए परामर्शी विंग को ड्राफ्ट रिपोर्ट प्रस्‍तुत की जाती है।

·        


परामर्शी विंग
,

बल मुख्‍यालय द्वारा रिपोर्ट की विवेचनात्‍मक ढंग से जांच की जाती है तथा
सुधार यदि कोई हो
,
वे भी किए जाते हैं।

·        


रिपोर्ट को अंतिम रूप दिए जाने के बाद उसे महानिदेशक/केऔसुब के अवलोकन तथा
अनुमोदन के लिए प्रस्‍तुत किया जाता है।

·        


अंतत:
,

रिपोर्ट सर्वेक्षण फीडबैक के अनुरोध के साथ क्‍लाइंट को भेज दी जाती है।

·        


फीडबैड की समीक्षा यदि कोई हो
,

क्‍लाइंट से प्राप्‍त की जाती है।



संपर्क करें


उप महानिरीक्षक/तकनीकी


ब्‍लॉक न०

13
,
सी.जी
.ओ.
कॉम्‍प्‍लेक्‍स


लोदी रोड नई दिल्‍ली

110003


फोन : 011-24362866


फैक्‍स : 011-24361202


ई-मेल :
rnd-consy@cisf.gov.in